कैंसर व जीवनरक्षक दवाओं के भारी मार्जिन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
उच्चतम न्यायालय ने देश में दवाओं की आसमान छूती कीमतों और अत्यधिक रिटेल मार्जिन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। अदालत ने कैंसर की एक दवा का उदाहरण दिया जिसकी वास्तविक कीमत बेहद कम थी, लेकिन एमआरपी कई गुना अधिक तय की गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि जीवनरक्षक दवाओं पर अधिकतम मार्जिन की सीमा तय होना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है ताकि आम मरीजों को किफायती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकें।