भारत-बांग्लादेश डिपोर्टेशन के आंकड़ों में बड़ा अंतर, 4,800 बनाम 73 का दावा
नई दिल्ली। भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दोनों देशों के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है। भारत की ओर से पश्चिम बंगाल में करीब 4,800 बांग्लादेशियों को वापस भेजे जाने का दावा किया गया है, जबकि बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार 2026 में अब तक सिर्फ 73 लोगों को स्वीकार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अब संदिग्ध लोगों को सीधे सीमा पर भेजने के बजाय पहले होल्डिंग सेंटर में रखा जाता है। वहां पहचान और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिपोर्टेशन किया जाता है। इस प्रक्रिया के चलते दोनों देशों के आंकड़ों में अंतर को लेकर सवाल और राजनीतिक बहस बढ़ गई है।