सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद छात्र को नोटिस, नोएडा मजिस्ट्रेट पर जताई नाराजगी
नई दिल्ली। छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई किए जाने पर बुधवार को अदालत ने नाराजगी जताई। मामला नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट आरके सिसोदिया द्वारा छात्र अक्षत त्रिपाठी को जारी नोटिस से जुड़ा है। नोटिस में छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 5 लाख रुपये के निजी बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने को कहा गया था। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वजीत भट्टाचार्य ने बताया कि छात्र विरोध प्रदर्शन से संबंधित एफआईआर पहले ही रद्द की जा चुकी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती।